महावीर जी के बचपन के दोस्त थे संत शिरोमणि आचार्यश्री पहली से नौंवीं कक्षा तक साथ पढ़े थे दोनों दोस्त सदलगा में बीता था दोनों दोस्तों का सुनहरा बचपन साथ में मंदिर जाकर दोनों दोस्त करते थे स्वाध्याय 1966 में महावीर जी ने की थी 112 रुपए की मदद – 112 रुपए लेकर धर्म ध्यान के लिए छोड़ा था गांव
“JAIN FOCUS” जैन फोकस चैनल के अंतर्गत देशभर में आयोजित जैन गतिविधियों का विशेष अपडेट
