दीपावली को लेकर जैनियों को स्पष्ट होना चाहिए-मुनिपुंगवश्री प्रात:काल लाडू चढ़ाएं, उसी दिन शाम को घर की दीवाली मनाएं अमावस्या का संबंध मात्र महावीर स्वामी से है-मुनिपुंगवश्री जैन दर्शन के अनुसार 1 नवंबर को है मोक्षकल्याणक दिवस दीवाली का शुभ मुहूर्त दोपहर 2 से 3 बजे तक मनाएं गौतम गणधर को केवल्यज्ञान अमावस्या से संबंध नहीं रखता गौतम गणधर के केवल्यज्ञान का संबंध दोपहर से है-मुनिपुंगवश्री रात्रिकालीन दीवाली का कोई उल्लेख शास्त्रों में नहीं है-मुनिपुंगवश्री घर से सुबह 16 दीपक, 32 बातियों की 64 ज्योतियां बनाकर लाडू ले जाएं घर में पूर्व या उत्तरार्ध मुख करके दीवार पर शुभ संकेत बना सकते हैं
