आचार्यश्री पुष्पदंत सागर जी सहित सैंकड़ों संत रहे उपस्थित हजारों लोगों ने सुने संतों के मंगल प्रवचन, अद्भुत थी बयार पुष्पगिरि तीर्थ प्रणेता बोले मेरे आत्मीय संबंध थे गणाचार्यश्री से ! महोत्सव हेतु नहीं, गुरु आज्ञा के लिए आया हूं ! झ्र आ.विनिश्चय सागर जी श्री कैलाश विजयवर्गीय ने संभाली थी अगवानी की कमान
