Ashoknagar : “गुरु आज्ञा से हुआ संघ निर्माण — 1996 की अनसुनी सच्चाई!” | Jain Focus

1996 में आचार्य ने भेजे थे पांच ब्रहमचारी
आचार्य ने कहा था संघ निर्माण के लिए करें कार्य
आचार्य श्री ने कहा था तीन बार बोल चुका हूं तुम गौर नहीं कर रहे हो
क्या तुम गुरु से बड़े हो, योग्यता को छुपाना अपराध है
आचार्य श्री ने दिया था आदेश, ब्रहमचारी तैयार करो
ब्रहमचारी तैयार कर सैम्पल भेंजे थे आचार्य श्री के पास
आचार्य श्री के भाव थे 1000 साधु तैयार करेंगे 10 निर्यापक
अंत में आचार्य श्री ने संघ 10 निर्यापकों को सौंप दिया था
हमारे संघ के जयेष्ठ है आचार्य पद को दीक्षा का भेजा था संदेश
गुरु आज्ञा से दी है दीक्षाएं, मेरा कोई शौक नहीं था


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