जांबई — जहाँ समय के निशान आज भी अपने अर्थ तलाशते हैं। | Jain Heritage | Jain Focus
तमिलनाडु के कल्लाकुरिचि जिले में एक ऐसी पहाड़ी मौजूद है, जहां आज भी चट्टानों के बीच बीते हजारों सालों के निशान दिखाई देते हैं।खंडहरों में छिपा जैन धर्म के 12वें एपिसोड में हम लेकर चल रहे हैं आपको जांबई की उस पहाड़ी तक… जहाँ समय के निशान आज भी अपने अर्थ तलाशते हैं।यहां मौजूद एक प्राचीन अभिलेख सिर्फ कुछ अक्षरों का समूह नहीं है… बल्कि करीब 2100 साल पुराने उस दौर का प्रमाण है, जब इन प्राकृतिक गुफाओं में जैन संत साधना किया करते थे।और इसी चट्टान पर दर्ज एक नाम जांबई को इतिहास के एक बेहद महत्वपूर्ण संदर्भ से जोड़ देता है।आज इसी जगह के उन प्रमाणों को समझेंगे, जो दक्षिण भारत में जैन धर्म की प्राचीन मौजूदगी पर एक मजबूत रोशनी डालते हैं।
