आचार्यश्री गुरुवर को याद कर रुंधा मुनिवर का गला | Yog Sagar Ji Maharaj | JAIN FOCUS Post navigation प्रवचन के बाद भजन गाने के लिए खड़ा करते थे दादा गुरु | Yog Sagar Ji Maharaj | JAIN FOCUS तीर्थंकर राजकुमार को हुआ वैराग्य, राजपाट छोड़ ली जैनेश्वरी दीक्षा |Vidisha | Praman Sagar JI Maharaj