350 विद्यार्थी कर रहे हैं जैनदर्शन का क्रमिक अध्ययन जिनशासन सेवक श्री दीपक राज जैन ने की अनुमोदना समस्त ट्रस्टियों सहित श्रेष्ठीगणों का मिल रहा है अपूर्व सहयोग

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