चंद्रगिरि से 108 किलो अष्टधातु के चरण पहुंचे पठारी चरण देखकर मुनिश्री भावसागर जी की आंखों में आ गए आंसू 2000 वर्ष तक रहने वाले ताड़पत्र ग्रंथ की बनाई गई योजना

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