3 मार्च को श्री पारसनाथ दि. जैन मंदिर में हुआ महामस्तकाभिषेक मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ जी की विशिष्ट मंत्रों से की शांतिधारा टड़ा, केसली, सहजपुर होकर अतिशयक्षेत्र बीना बारह के चल रहा विहार मुनिश्री धर्म सागर जी एवं मुनिश्री भाव सागर जी महाराज का मिला सानिध्य
