19 मई को ज्ञानकल्याणक महोत्सव के अंतर्गत हुई क्रियाएं ज्ञानकल्याणक के दिन की गई समवशरण की भव्य रचना गणधर के रुप में आचार्यश्री समय सागर जी महाराज ने दी दिव्य देशना

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