Bhopal: प्लास्टिक और सराक क्षेत्र को लेकर किया शंका का समाधान | Praman Sagar Ji | Jain Focus

प्लास्टिक पेट्रोलियम प्रॉडक्ट है- मुनिश्री Praman Sagar Ji
सोले के वस्त्रों को प्लास्टिक के थैले में लाने का कारण
मुनिश्री प्रमाण सागर जी ने दूर की प्लास्टिक से जुड़ी शंका
सराक क्षेत्र के शिक्षक सुखमय मांझी के कार्यों की प्रशंसा की

प्लास्टिक और पर्यावरण पर मुनिश्री प्रमाण सागर जी के विचार

मुनिश्री Praman Sagar Ji ने अपने प्रवचन में कहा कि प्लास्टिक एक पेट्रोलियम प्रॉडक्ट है, जो न तो पर्यावरण के लिए लाभकारी है और न ही स्वास्थ्य के लिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि लोग आज भी सोले के पवित्र वस्त्रों को प्लास्टिक के थैले में लेकर आते हैं, जो धार्मिक दृष्टि से भी अनुचित है।

मुनिश्री ने लोगों की उस शंका को भी दूर किया जिसमें यह सवाल उठता है कि प्लास्टिक से इतना नुकसान क्यों बताया जाता है। उन्होंने समझाया कि प्लास्टिक कभी पूरी तरह नष्ट नहीं होता। यह लंबे समय तक भूमि और जल को प्रदूषित करता है और इसका असर मानव जीवन के साथ-साथ पशु-पक्षियों और पर्यावरण पर भी पड़ता है।

अपने प्रवचन के दौरान मुनिश्री ने सराक क्षेत्र के शिक्षक सुखमय मांझी की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मांझी जी समाज में शिक्षा और जागरूकता फैलाने का जो प्रयास कर रहे हैं, वह प्रेरणादायक है और समाज के लिए अनुकरणीय है।

अंत में मुनिश्री प्रमाण सागर जी ने सभी से अपील की कि धार्मिक और सामाजिक जीवन में प्लास्टिक का त्याग करें और पर्यावरण की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाएँ। यही सच्ची धार्मिकता और मानवीय जिम्मेदारी है।
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