400 वर्ष प्राचीन है श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर आचार्यश्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ का मिला सानिध्य 23 द्रव्यों से किया गया प्रतिमा का पंचामृत अभिषेक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *