क्यों गुरु और प्रभु आज्ञा को मानने में करते हैं कुतर्क ? | Purnmati Mataji | Jain Focus Post navigation आचार्यश्री विभव सागर जी महाराज ससंघ पधारे भैंसदेही | Mangal Pravesh | Jain Focus कुंडलपुर में पहली बार दी गईं इतनी ऐलक दीक्षाएं !| Kundalpur | Deeksha Samaraoh | Jain Focus