मुनिपुंगवश्री के दर्शन को आयीं 106 वर्षीय सल्लेखनारत कंचन बाई जी दादा गुरु आचार्यश्री ज्ञान सागर जी की हैं सबसे पुरानी शिष्या 5 अक्टूबर को भाग्योदय तीर्थ पहुंच किये निर्यापक मुनिपुंगवश्री के दर्शन – ऐसी तपस्वियों के दर्शन देते हैं शिखर जी के दर्शन जितना लाभझ्रमुनिपुंगवश्री “JAIN FOCUS” जैन फोकस चैनल के अंतर्गत देशभर में आयोजित जैन गतिविधियों का विशेष अपडेट
