मुनिपुंगवश्री ने समाज को बांटने वालों को लगायी फटकार समाज में गणेता सांप बने बैठे ठेकेदारों को मुनिश्री की दो टूक विशाल पेड़ में भी आग लगने का कारण सबसे पहले घास होती है घास की आग इतनी प्रभावकारी होती है कि वह पेड़ को भी जला देती है मुझे भारत के हर जैनी से प्यार था, है और हमेशा रहेगा-मुनिपुंगवश्री मेरी नाराजगी केवल ऊपर से होती है, अंदर से कभी नाराज नहीं होता सागर वालों से तो नाराजगी का सवाल ही नहीं ऊठता-मुनिपुंगवश्री खरपतवार को अपने नीचे मत पनपने दो, वरना यह राख कर देगा खरपतवार की कोई कीमत नहीं होती, कीमत विशाल पेड़ की होती है आज भी सागर एक है, एक था और एक ही रहेगा-मुनिपुंगवश्री जैन धर्म का ध्वज हमेशा ऊंचा रहना चाहिए, यही उद्देश्य हो संतों के प्रवचनों को कटिंग कर सोशल मीडिया पर परोस रहे कम से कम संतों को लेकर तो राजनीति मत करो प्रवचन करने वालों को कभी बुरा नहीं कहा-मुनिपुंगवश्री मेरा सुझाव केवल वाट्सएप्प करने वालों को है-मुनिपुंगवश्री
