एक मई को विशाल समूह के बीच नवीन पट्टाचार्य श्री ने दिया उद्बोधन यह महोत्सव नहीं, श्रमण संस्कृति का संरक्षण है – नवीन पट्टाचार्य श्री सुमतिधाम भविष्य में मंदिर नहीं तीर्थ के रूप में जाना जाएगा – नवीन पट्टाचार्यश्री

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *